ब्राह्मण उत्थान समिति

विश्व वैदिक सम्मेलन में सामूहिक उपनयन एवं विवाह संस्कार 

उद्देश्य 

संपूर्ण लोक के कल्याण के लिए ब्रह्मसमाज को एकीकृत करना।

लोक कल्याण के लिए संपूर्ण समाज में देव संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना।

संपूर्ण समाज में समरसता, समानता, सहिष्णुता और शिक्षा व साक्षरता की अलख जगाना।

लोक कल्याण के लिए शिक्षालय, पुस्तकालय, धर्मशालाएं खोलना।

लोक कल्याण के लिए ब्रह्मसमाज के युवाओं को शिक्षित-दीक्षित करना, नशे की प्रवृत्ति तथा अन्य व्यसनों से मुक्त करना।

समाज कल्याण के लिए ब्राह्मण युवक-युवतियों के मानसिक, शारीरिक व आर्थिक विकास की पहल करना।

स्वस्थ समाज के लिए व्यायामशालाओं, यज्ञशालाओं का निर्माण व संचालन करना।

गरीब ब्राह्मण परिवारों के युवक-युवतियों की शिक्षा, रोजगार व दहेज रहित विवाह की योजनाओं को मूर्तरूप देना।

लोक कल्याण के सांस्कृतिक, सामाजिक, दार्शनिक, आध्यात्मिक संचेतनाओं का प्रचार-प्रसार करना।

महापुरूषों की स्मृति में उपवन, पार्क, जलाशयों, आश्रमों की स्थापना करना।

विधवाओं, निराश्रितों व अनाथ बच्चों के भरण-पोषण व लालन-पालन के लिए आश्रय स्थल बनाना व संचालन करना।